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बारिश में मिली एक हॉट भाभी

बारिश में मिली एक :> हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम गौतम है और में जयपुर का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र 23 साल है और मेरी हाईट 5 फुट 11 इंच है, में दिखने में हैंडसम हूँ, मेरा लंड का साईज 8 इंच लम्बा है. फिर एक दिन में बारिश में भीगता हुआ अपने घर आ रहा था, उस दिन बहुत तेज बारिश हो रही थी तो रास्ते में एक भाभी की कार बंद हो गई थी, फिर उन्होंने मुझे देखा और लिफ्ट के लिए रोककर बोली कि मेरी कार बंद हो गई है प्लीज़ क्या आप मुझे मेरे घर छोड़ दोगे? तो मैंने बोला कि चलिए बैठिए. फिर वो मेरी बाइक पर बैठ गई, तब मैंने देखा कि वो बहुत ही सुंदर और सेक्सी थी, उनकी उम्र करीब 30 साल होगी. अब मुझे उसके कपड़े में से उसका जिस्म साफ-साफ़ दिखाई दे रहा था. बारिश में मिली एक

बारिश में मिली एक

अब मेरे मन में भी सेक्स की इच्छा जागने लगी थी. फिर मैंने बाइक पर चलते वक़्त उसको थोड़ा पीछे की तरफ दबाया तो मैंने देखा कि वो भी आगे की और धक्का देने लगी थी. अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. फिर जब उनका घर आया तो वो बोली कि बस अब यहीं रोक लो. फिर वो उतर गई और फिर वो चलने लगी तो बोली कि प्लीज़ अंदर आइए ना, बारिश अभी भी चालू है और थोड़ा रुकने के बाद चले जाना. फिर मैंने भी उनकी यह बात ठीक समझी और फिर मैंने हाँ कर दी और उनके साथ बाइक पार्क करके अंदर चला गया. बारिश में मिली एक

फिर में उनके घर में अंदर गया तो मैंने देखा कि वहाँ कोई नहीं था, बस उनका 8 साल का एक बेटा था, वो वहाँ आया. फिर उन्होंने उससे कहा अपने रूम में जाकर सो जाओ तो वो चला गया. फिर उन्होंने मुझे एक टावल दिया और अंदर रूम में चली गई. फिर मैंने अपने बाल साफ किए और कुछ देर के बाद वो अपने कपड़े बदलकर आई और मेरे सामने बैठ गई.

अब उन्होंने बड़े ही सेक्सी कपड़े पहने हुए थे, उनमें उनके बूब्स समा ही नहीं रहे थे. अब में उनके बूब्स को देखता ही जा रहा था. फिर वो बोली कि तुम भीग गये हो, आओ ऊपर मेरे पति के कपड़े पहन लो, तो मैंने कहा कि कहाँ? तो वो बोली कि चलो में दिखाती हूँ. फिर जब हम ऊपर के कमरे में गये, तो उन्होंने मुझे अपने पति के कपड़े दिए. फिर जब में चेंज करने के लिए बाथरूम में गया तो वो बोली कि में भी अंदर आती हूँ, लाईट ऑन कर देती हूँ. बारिश में मिली एक

फिर जब वो अंदर आई तो उनका पैर फिसल गया और वो गिरने लगी तो मैंने उन्हें संभाल लिया. अब उनके बूब्स मेरे हाथों में आ गये थे और उनके बूब्स क्या नर्म-नर्म थे? जैसे कोई स्पंज हो. अब मुझे बहुत ही अच्छा लगा था, लेकिन मेरी मर्यादा के कारण में जब अपना हाथ हटाने लगा था तो उन्होंने मेरा हाथ पकड़कर वापस अपने बूब्स पर रख दिया और बोली कि प्लीज़ दबाओ मुझे अच्छा लगता है.

अब में भी इसी इंतज़ार में था और मेरा लंड टाईट हो गया था. फिर मैंने पूछा कि वैसे आपका नाम क्या है? तो वो बोली कि रिया. तो मैंने बोला कि रिया क्या आपके पति आपके साथ सेक्स नहीं करते है? तो वो बोली कि वो बहुत बड़े बिज़नसमैन है, उनको वक्त ही नहीं मिलता है. बारिश में मिली एक

फिर मैंने कहा कि रिया तो क्या तुम चाहती हो कि में तुम्हारे साथ सेक्स करूँ? तो वो बोली कि हाँ, में तुम्हारे साथ मज़े करना चाहती हूँ. फिर क्या था? फिर मैंने सीधा उनका चेहरा पकड़कर उनके गुलाबी और नाज़ुक होंठो को किस करना चालू कर दिया और उनके कपड़े उतारने चालू कर दिए. अब वो एकदम से मेरे सामने पूरी नंगी खड़ी थी. फिर में उसके पैरो से चूमते हुए उसकी चूत तक आया तो मैंने देखा कि उसकी चूत एकदम साफ थी और रसीली हो गई थी और अभी भी किसी जवान लड़की की तरह थी. अब मेरा मन काबू में नहीं था और फिर मैंने उनकी चूत पर जैसे ही अपने होंठ लगाए तो वो आईईईई सस्स्सिईई आहह करने लगी और में उसकी चूत को और जोर-जोर से चूसने लगा. बारिश में मिली एक

तभी अचानक से वो मुझे खड़ा होने को बोली. फिर उसने मेरी शर्ट निकाल फेंकी और मेरी जीन्स भी उतार दी तो फिर मैंने अपनी बॉक्सर्स भी उतार दी और अब मेरा बड़ा लंड आज़ाद था. फिर जैसे ही मेरा 8 इंच का लंड तनकर बाहर आया तो वो देखती ही रह गई और उसका मुँह खुला का खुला ही रहा गया और वो कुछ नहीं बोली और उसे सहलाने लगी और फिर मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी.

अब मुझे तो समझो स्वर्ग का आनन्द आने लगा था, अब मेरे मुँह से भी आअहह आअहह एआआह की आवाजें निकल रही थी. अब में और रिया दोनों पूरी तरह से गर्म थे. फिर मैंने शॉवर चालू किया और फिर जब इस मस्ती की आग में हमारे नंगे बदन के ऊपर जब पानी की बूंदे पड़ी तो वो और भी मस्त हो गई. फिर कुछ देर तक हम दोनों एक दूसरे को किस करते-करते एक दूसरे की बाहों में शॉवर का मजा लेते रहे. फिर मैंने साबुन उठाया और उसके पूरे शरीर पर लगाया. बारिश में मिली एक

अब मेरे लंड की गर्मी उस पर चढ़ चुकी थी. तभी उसने मेरे लंड को जकड़ लिया और बोली कि बेबी अब ना तड़पाओ मुझे, तो फिर मैंने कहा कि यह तो कब से तैयार खड़ा है जान. में हमेशा से अपने पर्स में एक कंडोम रखता हूँ तो फिर मैंने मेरे पर्स में से कंडोम निकालकर पहन लिया. फिर मैंने रिया को नीचे झुकाया और अपना लंड उसकी गांड पर रगड़कर पीछे से थोड़ा अंदर डाला तो रिया के मुँह से उईईई माँ की आवाज़ आई. बारिश में मिली एक

फिर मैंने कहा कि अरे अभी तो शुरू भी नहीं किया है और तुम अभी से चिल्ला उठी. फिर उसने कहा कि मैंने पिछले 3 महीने से सेक्स नहीं किया है. फिर मैंने पास में ही रखी हुई तेल की बोतल से थोड़ा तेल लिया और अपने लंड पर लगाया और उसको अपनी गोद में उठाकर बेड पर ले गया. फिर मैंने उसको घोड़ी बनाया और पीछे से अपना लंड थोड़ा अंदर डाला और अपना मुँह उसके मुँह के पास ले जाकर उसके पूरे बूब्स को अपने मुँह में लेकर दबाया और एक धक्का दिया, तो मेरा लंड उसकी चूत को फाड़ता हुआ एक बार में ही पच करके पूरा अंदर चला गया.

फिर रिया जोर से चिल्लाई आईईईई उफफफ्फ़ में मरररर गईईई आज तो बेबी, लेकिन उसकी सिसकी भरी आवाज़े मेरे मुँह में ही समा गई थी. अब में धीरे-धीरे अपना लंड अंदर बाहर करने लगा था और अब रिया भी साथ मेरा देने लगी थी.

तभी मैंने अपना लंड बाहर निकलकर उसको सोफे पर लेटा दिया और उसके पैरो को अपने कंधो पर रख लिया और उसे थोड़ा ऊपर उठा दिया. फिर मैंने अपना टाईट लंड उसकी चूत के बिल्कुल सामने रखकर जब एक और ज़ोर का धक्का लगाया तो मेरा लंड सटक करके उसकी मस्त चूत में चला गया. अब तो रिया भी मेरे साथ मज़े ले रही थी, फिर हमने पूरे 20 मिनट तक चुदाई की. फिर मैंने बोला कि अब कैसा लग रहा है? बारिश में मिली एक

वो बोली कि मैंने अपनी लाईफ में पहली बार सेक्स का असली मज़ा लिया है. फिर मैंने उसको अपने ऊपर बैठाकर अपना लंड उसकी चूत पर लगा दिया और अब वो मुझे चोदने लगी थी. अब हम बैठे-बैठ भी चुदाई करने लगे और फिर वो झड़ गई.

फिर मैंने अपने लंड को उसकी चूत में डाले ही उसे वापस लेटा दिया और अपनी रफ़्तार बढ़ाकर उसको पूरी ताक़त से चोदने लगा. अब तो जो मज़ा आ रहा था, वो उसे सह नहीं सकती थी तो वो उछलने लगी और समझो जैसे बिन पानी के मछली हो. अब मेरे लंड का धक्का अपनी पूरी रफ़्तार में आ गया था और फिर आखरी में भी झड़ गया और फिर हम दोनों ऐसे ही 10 मिनट तक एक दूसरे से लिपटे रहे. बारिश में मिली एक

फिर में खड़ा होकर नहाने चला गया और फिर उसने मेरा मोबाइल नंबर लिया और कहा कि अगर मेरी फ्रेंड को तुम्हारा लंड चाहिए होगा तो क्या तुम मदद करोगे? हम इस मदद के लिए तुम्हें पैसे भी देंगे. तो मैंने कह कि हाँ ओके, मगर मेरी एक शर्त है कि जब हम कभी भी बाहर मिले तो जैसे हम एक दूसरे को नहीं जानते है ऐसे पेश आएगे. तो वो बोली कि यह तो बहुत ही अच्छा है, अब में तुम्हें कॉल करुँगी, तुम आओगे ना पक्का? तो मैंने हाँ कहा और उसको किस करके वहाँ से चला गया. बारिश में मिली एक

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सुमित्रा मौसी के मस्त बूब्स

सुमित्रा मौसी के मस्त :> हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम श्याम है और मेरी उम्र 27 साल है. ये बात आज से 5 साल पहले की है, जब मेरी सबसे छोटी मौसी सुमित्रा जिनके पति यानी मेरे मौसा जी की मौत हो गयी थी. अब वो हमारे घर आई हुई थी, उस वक़्त मेरी उम्र 22 साल थी और मौसी की उम्र करीब 32 साल थी. मेरी सुबह देर से सोकर उठने की आदत है. सुमित्रा मौसी के मस्त

सुमित्रा मौसी के मस्त

में रोज सुबह 10 बजे सोकर उठता हूँ, इसलिए मुझे मालूम नहीं हुआ कि सुबह 6 बजे मौसी घर आ चुकी थी. में घर के बीच वाले कमरे में सोता था, जो बहुत बड़ा है, मेरे घर के सब लोग वहीं आकर बैठते और बातें करते थे. अब में उसी कमरे में पलंग पर सो रहा था, अब सुबह के 9 बज चुके थे. अब मौसी मेरे पलंग पर बैठी थी और माँ नीचे ज़मीन पर बैठी थी, अब वो दोनों आपस में बातें करने में व्यस्त थी, तभी अचानक से मेरी नींद खुल गयी. सुमित्रा मौसी के मस्त

फिर मैंने देखा कि मौसी मेरी तरफ पीठ करके बैठी है और माँ से बात कर रही है, तो में चुपचाप पड़ा रहा जैसे में अभी भी गहरी नींद में सो रहा हूँ. अब मौसी की पीठ एकदम मेरे मुँह के पास थी, अब में कंबल ओढ़े था. मौसी विधवा थी और कम उम्र, उस पर उनका भरा हुआ बदन.

में पहले भी कई बार उनके बारे में कल्पना कर चुका था और आज वो मेरे इतने करीब बैठी थी कि मैंने अपना एक हाथ पहले उनके बैक से टच किया. अब उन्हें टच करते ही मेरे बदन में करंट सा फैल गया और मेरी धड़कन बढ़ गयी थी. फिर मैंने थोड़ी हिम्मत की और अपना एक हाथ मौसी की पीठ पर फैरने लगा. अब मौसी को शायद थोड़ा कुछ समझ में आ गया था, लेकिन वो फिर भी माँ से बात करती रही. फिर मैंने अपना एक हाथ उनके धीरे-धीरे आगे बढ़ाया और अब मेरा हाथ उनकी जांघो पर आ गया था. अब मौसी समझ गयी थी कि में जाग रहा हूँ, लेकिन शायद अब वो भी गर्म हो चुकी थी, इसलिए उन्होंने कुछ नहीं बोला था. सुमित्रा मौसी के मस्त

फिर मैंने महसूस किया कि उनका बदन भी तप रहा था. अब उन्होंने कुछ नहीं बोला तो इसलिए मेरी हिम्मत और बढ़ गयी थी. फिर मैंने अपना हाथ उनके बूब्स की तरफ बढ़ा दिया, लेकिन अब मौसी झटके से उठ खड़ी हुई. अब में उनकी इस हरकत से घबरा गया था, अब मेरी माँ सामने थी, लेकिन वो कुछ समझ नहीं पाई थी. सुमित्रा मौसी के मस्त

फिर कुछ देर तक में ऐसे ही नींद का बहाना करके पड़ा रहा. फिर कुछ देर के बाद मैंने सोचा कि शायद माँ सामने थी इसलिए मेरी हरकत उसे दिख जाती, इसलिए मौसी वहाँ से हट गयी थी. फिर कुछ देर के बाद में उठा और बोला कि अरे मौसी जी आप कब आई? और फिर मैंने उनके पैर छुए और सीधा बाथरूम में चला गया. आज मेरा किसी काम में मन नहीं लग रहा था, अब में मौसी से नज़र भी नहीं मिला रहा था.

अब मेरे मन में सवाल आ रहे थे कि पता नहीं मौसी क्या सोचेगी? कहीं वो माँ से ना बोल दे? अब मेरा दिल भी बहुत घबरा रहा था. फिर में दिनभर मौसी के सामने नहीं गया, फिर में रात को घर आया तो मैंने देखा कि मेरे कमरे में सब खाना खा रहे है और मेरे पलंग के पास ज़मीन पर दो बिस्तर और लगे हुए थे. अब में समझ गया था कि शायद यहाँ माँ और मौसी सोएगी. सुमित्रा मौसी के मस्त

फिर खाना खाने के बाद में बाहर घूमने निकल गया और फिर में रात को करीब 11 बज़े घर आया तो माँ ने दरवाजा खोला. फिर में अंदर आ गया तो मैंने अंदर देखा कि मौसी मेरे पलंग के पास ही सो रही है. फिर थोड़ी देर के बाद माँ भी दरवाजा बंद करके मौसी के बगल में आकर सो गयी.

अब मेरी आँखों में नींद नहीं थी, अब मुझे करवटे बदलते-बदलते रात के 1 बज़ने वाले थे. अब मेरे दिमाग में सुबह की घटना घूम रही थी, अब यह सब सोच-सोचकर मेरे दिल की धड़कन बहुत बढ़ गयी थी और अब में अपने आप पर काबू नहीं कर पा रहा था. सुमित्रा मौसी के मस्त

अब नीचे ज़मीन पर मौसी गहरी नींद में सो रही थी. अब कमरे में नाईट बल्ब जल रहा था और माँ भी सो चुकी थी. फिर मैंने अपने धड़कते दिल से अपना हाथ पलंग के नीचे लटका दिया, अब मौसी बिल्कुल मेरे पलंग के पास सो रही थी. फिर मैंने धीरे से अपना एक हाथ उनके पैर पर टच किया और कुछ देर तक अपना हाथ उनके पैरो पर रखे रखा.

फिर मौसी की तरफ से कुछ हरकत नहीं देखकर में अपना हाथ धीरे-धीरे ऊपर की तरफ सरकाने लगा. अब मेरा हाथ मौसी की जांघो पर था, फिर में कुछ देर तक रुका और उनकी जांघो पर अपना हाथ रखे रखा. अब मैंने मौसी के बदन में गर्मी महसूस की थी, अब में समझ गया था कि मौसी गर्म हो गयी है, अब शायद कोई खतरा नहीं है. फिर मैंने अपना एक हाथ उनकी जांघो पर से सरकाते हुए उनकी चूत के पास ले गया और थोड़ा रुकते-रुकते उनकी चूत पर अपना हाथ फैरने लगा. मौसी का मुँह दूसरी तरफ़ था, फिर आचनक से उन्होंने करवट बदली और मेरी तरफ़ मुँह करके लेट गयी. सुमित्रा मौसी के मस्त

अब उनकी इस हरकत से में पहले तो घबरा गया था, तो मैंने तुरंत अपना हाथ ऊपर खींच लिया. फिर थोड़ी देर के बाद मैंने फिर से अपना हाथ नीचे लटकाकर उनके पेट पर रख दिया. अब मौसी का बदन बहुत तप रहा था, फिर में अपना हाथ सरकाकर उनके बूब्स पर ले गया और धीरे-धीरे उनके बड़े-बड़े बूब्स को सहलाने लगा.

फिर मैंने आचनक से मेरे हाथ के ऊपर मौसी का हाथ महसूस किया, अब उन्होंने मेरा हाथ जो उनके बूब्स पर रखा हुआ था जोर से दबा दिया था. अब में समझ गया था कि लाईन साफ़ है तो में जोर-जोर से उनके बूब्स दबाने लगा, लेकिन में पलंग पर था और मौसी नीचे थी, इसलिए मुझे परेशानी हो रही थी और बगल में माँ भी सो रही थी, इसलिए मुझे डर भी लग रहा था. अब मौसी के मुँह से सिसकियाँ निकल रही थी, अब वो बहुत गर्म हो गयी थी. फिर मैंने मौसी के कान में कहा कि में बाहर आँगन में जा रहा हूँ, आप भी धीरे से बाहर आ जाओ. सुमित्रा मौसी के मस्त

फिर में उठा और धीरे से दरवाजा खोलकर बाहर आ गया, हमारा आँगन चारों तरफ से दिवार से घिरा है और वहाँ अँधेरा भी था. फिर थोड़ी देर के बाद मौसी भी बाहर आ गयी, अब में आँगन के एक कोने में उनका इंतज़ार कर रहा था.

फिर वो आते ही मुझसे लिपट गयी, अब उनकी साँसे जोर-जोर से चल रही थी. फिर मौसी ने एकदम से अपना एक हाथ मेरी हाफ पेंट में डालकर मेरा 7 इंच लंबा लंड अपने हाथ में ले लिया और मेरा चौड़ा सीना चूमते हुए मेरा लंड अपनी चूत से रगड़ने लगी. अब में भी बेकाबू हो गया था तो मैंने भी मौसी के बड़े-बड़े बूब्स को उनके ब्लाउज में से बाहर निकाल लिया और खूब जोर- जोर से दबाने लगा और फिर उनके बूब्स की चूचीयों को अपने मुँह में लेकर खूब चूसा. सुमित्रा मौसी के मस्त

फिर थोड़ी देर तक ऐसे ही चूसने के बाद मैंने मौसी को जमीन पर लेटा दिया. अब मौसी की सिसकियाँ बढ़ती जा रही थी और फिर वो बोली कि श्याम जल्दी करो नहीं तो मेरी जान निकल जाएगी, तो फिर मैंने भी उनकी साड़ी ऊपर कर दी.

अब मौसी की गोरी-गोरी, भरी पूरी जांघो को देखकर में पागल हो गया और उनकी चिकनी चूत देखकर में पागलों की तरह उनकी चूत को चाटने लगा था. अब मौसी की हालत खराब हो गयी थी, अब वो मुझे जोर-जोर से अपनी और खींचने लगी थी और बोली कि जल्दी डाल दो श्याम. फिर मैंने भी अपनी पेंट उतार कर फेंकी और अपना सुपाड़ा जैसे ही मौसी की चूत के अंदर किया तो मौसी के मुँह से सिसकारी निकल गयी. सुमित्रा मौसी के मस्त

अब वो पागलों की तरह कुछ बडबडा रही थी आहह आह हम्मम्मम हाँ और और हाँ श्यामम्मममम और ज़ोर से करो हाँ. अब में भी अपनी पूरी रफ़्तार से मौसी की चूत में धक्के मार रहा था. अब मौसी मुझे इतनी जोर से पकड़े हुए थी कि मेरी बाहें दर्द करने लगी थी, अब हम दोनों अपनी चरम सीमा पर पहुँचने वाले थे.

अब में जोर-जोर से धक्के मार रहा था और मौसी भी अपनी गांड बार-बार ऊपर उछालकर मेरा साथ दे रही थी. अब मेरी रफ़्तार तेज होती जा रही थी और फिर मैंने अपना पूरा जोर लगाकर अपना पूरा पानी उनकी चूत में ही छोड़ दिया. इसी प्रकार मौसी ने भी अपनी गांड उछालकर अपना पूरा पानी निकाल दिया. सुमित्रा मौसी के मस्त

अब में उनके ऊपर थककर गिर गया था और अब वो भी शांत थी. अब उनके चेहरे की चमक में साफ दिख रहा था कि मौसी बहुत खुश और संतुष्ट नज़र आ रही थी. फिर में उनके ऊपर कुछ देर तक ऐसे ही लेटा रहा, अब मौसी प्यार से मेरे बालों को सहलाती रही थी. फिर कुछ देर के बाद हम लोग उठे और अपने कपड़े ठीक करके बाहर आ गये और वैसे ही अंदर जाकर सो गये. अब घर में किसी को कुछ मालूम नहीं चला कि रात में क्या हुआ था? फिर मौसी 1 महीने तक हमारे घर पर ही रही और जब भी हमें कोई मौका मिलता, तो हम खूब आनंद लेते है, मैंने उस एक महीने में मौसी को 22 बार चोदा था. सुमित्रा मौसी के मस्त

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